भारत अपनी 6,000 साल पुरानी समृद्ध संस्कृति और 1.3 अरब लोगों के साथ विश्व स्तर पर अपनी रचनात्मकता का परचम लहरा रहा है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कान्स (Cannes) में भारतीय फोरम को संबोधित करते हुए भारत को "Global Content Hub" बनाने के लिए उठाए गए कदमों को रेखांकित किया। उन्होंने फिल्म उद्योग में भारत की ऐतिहासिक उपलब्धियों और वर्तमान में हो रहे तकनीकी विकास पर प्रकाश डाला।
भारत की सिनेमाई शक्ति और वैश्विक पहचान
कान्स फिल्म फेस्टिवल वर्षों से भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करता आ रहा है। भारतीय कंटेंट, जो कहानी कहने की अपनी अनूठी शैली के लिए जाना जाता है, अब वैश्विक दर्शकों को आकर्षित कर रहा है। 1946 में चेतन आनंद की 'नीचा नगर' और 1956 में सत्यजीत रे की 'पाथेर पांचाली' को प्रतिष्ठित Palme d'Or पुरस्कार मिलने से लेकर आज भारत को "Content Hub of the World" के रूप में मान्यता मिलने तक का सफर असाधारण रहा है।
OTT और डिजिटल मीडिया का बढ़ता प्रभाव
भारत का फिल्म उद्योग अब केवल बड़े पर्दे तक सीमित नहीं है। ओटीटी प्लेटफॉर्म ने नई संभावनाओं को जन्म दिया है, जिससे युवा और वरिष्ठ दोनों वर्गों के दर्शक मंत्रमुग्ध हो रहे हैं।
1. 2024 तक भारतीय OTT मार्केट के 2 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
2. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वर्चुअल रियलिटी और मेटावर्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में क्रांति ला रहा है।सरकार की पहल और भविष्य की संभावनाएं
भारत सरकार ने ऑडियो-विजुअल सेवा को 12 'चैंपियन्स सर्विस सेक्टर्स' में से एक के रूप में घोषित किया है। AVGC (Animation, VFX, Gaming & Comics) सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए एक टास्क फोर्स गठित की गई है। इसके अलावा:
1. मीडिया और मनोरंजन स्टार्टअप्स को तकनीकी दक्षता बढ़ाने का अवसर दिया जा रहा है।
2. 2025 तक इस क्षेत्र से 53 अरब अमेरिकी डॉलर की सालाना कमाई होने का अनुमान है।3. सह-निर्माण, फिल्म शूटिंग और उत्पादन सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने कई नीतिगत सुधार किए हैं।
भारतीय फिल्म उद्योग का वैश्विक प्रभाव
फिल्म निर्माता शेखर कपूर ने कहा कि "सस्ती ब्रॉडबैंड सेवाओं और मोबाइल उपकरणों तक आसान पहुंच से फिल्म उद्योग में क्रांतिकारी परिवर्तन आ रहा है।" वहीं, प्रसून जोशी ने भारत को "बेचैन सपनों का देश" बताते हुए कहा कि यह बेचैनी ही हमें कुछ बड़ा करने की प्रेरणा देती है।
भारतीय कंटेंट उद्योग में हैं काफी संभावनाएं
भारत के कंटेंट उद्योग में अपार संभावनाएं हैं। सरकार की रणनीतिक नीतियों, तकनीकी प्रगति और वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत उपस्थिति से यह स्पष्ट है कि आने वाले 5 वर्षों में भारत दुनिया के शीर्ष कंटेंट क्रिएटर देशों में शामिल हो जाएगा। भारतीय फिल्म निर्माताओं और स्टोरीटेलर्स के लिए यह एक स्वर्णिम अवसर है, जहां वे अपनी अनूठी कहानियों से पूरी दुनिया को प्रेरित कर सकते हैं।
"भारत, जहां हर कहानी एक नई प्रेरणा बनती है!"