जब कोई हमें गले लगाता है, उस वक्त मानों हम अपनी सारी परेशानिया और चिंता कुछ पल के लिए ही सही पर भूल जाते हैं। यह बात सिर्फ कहने की नहीं है, हम सभी ने इसे कभी न कभी महसूस भी किया है। कुछ देर के लिए मिलने वाली यह जादू की झप्पी हमारे दिमाग को इतना रिलेक्स कर देती है और साथ ही इससे हम रीचार्ज भी हो जाते हैं। गले लगना सिर्फ एक शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली हीलिंग थेरेपी है। यह तनाव को कम करती है, खुशी को बढ़ाती है और हमारी इम्यूनिटी को मजबूत करती है। मेडिकल साइंस और मनोविज्ञान दोनों ही इसे एक कारगर उपचार मानते हैं।
गले लगने की शक्ति
गले लगना (Hug Therapy) केवल एक शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि एक भावनात्मक अनुभव भी है। जब कोई हमें गले लगाता है, तो हम कुछ समय के लिए अपनी सभी चिंताओं और तनावों को भूल जाते हैं। यह एक ऐसी जादुई प्रक्रिया है जो हमें मानसिक और शारीरिक रूप से रिलेक्स करती है। मेडिकल साइंस और मनोविज्ञान में इसे 'हग थेरेपी' के रूप में पहचाना जाता है, जो भावनात्मक और मानसिक हीलिंग के लिए अत्यधिक प्रभावी है।
Hug Therapy : क्या कहती है scientific approach

जब हम किसी को गले लगाते हैं, तो हमारा शरीर ऑक्सीटोसिन (Oxytocin) नामक हार्मोन छोड़ता है, जिसे 'लव हार्मोन' या 'हग हार्मोन' भी कहा जाता है। यह हार्मोन तनाव को कम करता है और हमें सुरक्षित एवं खुशहाल महसूस कराता है। इसके अलावा, गले लगाने से कोर्टिसोल (Cortisol) का स्तर कम होता है, जिससे तनाव और चिंता घटती है।
गले लगने के प्रमुख वैज्ञानिक प्रभाव:

2. भावनात्मक जुड़ाव: गले लगने से पार्टनर या परिवार के सदस्य के साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ता है।
3. नींद की गुणवत्ता में सुधार: सोने से पहले आलिंगन से बेहतर नींद आती है, क्योंकि ऑक्सीटोसिन विश्राम की स्थिति उत्पन्न करता है।
4. ब्लड प्रेशर कम करना: गले लगने से रक्तचाप का स्तर कम हो जाता है, जिससे हृदय संबंधी स्वास्थ्य में सुधार होता है।
5. दर्द का प्राकृतिक उपचार: गले लगने से एंडोर्फिन रिलीज होता है, जो प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में काम करता है।
6. खुशी बढ़ाना: डोपामाइन और सेरोटोनिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर रिलीज होते हैं, जो खुश रहने में मदद करते हैं
मनोवैज्ञानिक लाभ
मनोवैज्ञानिक रूप से, हग थेरेपी अवसाद, चिंता और अकेलेपन को कम करने में सहायक है। यह व्यक्ति को आत्मविश्वास और सुरक्षा का एहसास दिलाती है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए गले लगना विशेष रूप से फायदेमंद होता है क्योंकि यह उनके भावनात्मक स्वास्थ्य को सुधारता है और मानसिक शांति प्रदान करता है।
जब कोई गले लगाने वाला न हो तो करें खुद को हग

ऐसा कई बार होता है जब हमारे आसपास कोई नहीं होता जिसे हम गले लगा सकें। ऐसे में सेल्फ-हग (Self-Hug) एक बेहतरीन विकल्प बन सकता है।
सेल्फ-हग करने के तरीके:
अपनी बाहों को क्रॉस करके खुद को कसकर गले लगाएं।
कुछ सेकंड तक इसे बनाए रखें और गहरी सांस लें।
खुद से प्यार और अपनापन महसूस करें।
सेल्फ-हग के लाभ:
आत्मसम्मान बढ़ता है, अकेलापन कम होता है।
मानसिक तनाव और चिंता से राहत मिलती है।
आत्म-प्रेम और आत्म-स्वीकृति में वृद्धि होती है।
हग थेरेपी पर रिसर्च

हग थेरेपी पर कई वैज्ञानिक अध्ययन किए गए हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं:
कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी (Carnegie Mellon University) का अध्ययन (2014): इसमें पाया गया कि गले लगने से न केवल मानसिक तनाव कम होता है बल्कि यह सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों से भी बचाव करता है।
डॉ. केथलिन लाइट (Dr. Kathleen Light) का शोध: उन्होंने पाया कि गले लगने से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और हृदय की समस्याओं का खतरा कम होता है।यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलाइना (University of North Carolina) का अध्ययन: इस शोध में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से गले मिलते हैं, वे अधिक खुशहाल और तनावमुक्त रहते हैं।
क्या हग थेरेपी के लिए कोई क्लिनिक हैं?

भारत में अभी तक हग थेरेपी के लिए विशेष क्लिनिक उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन दुनिया के कुछ देशों में यह थेरेपी दी जाती है।
जापान का 'Cuddle Café': यहाँ लोग जाकर हग थेरेपी का लाभ ले सकते हैं।
अमेरिका के 'Cuddle Sanctuary' और 'The Snuggle Buddies': यहाँ प्रोफेशनल हग थेरेपी दी जाती है।नीदरलैंड में 'Knuffelcontact': यहाँ लोगों को सुरक्षित और आरामदायक तरीके से गले लगने की सुविधा दी जाती है।
...तो अगर कोई है तो उसे हग कीजिए नहीं तो आप तो हैं न...
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All Photo credit by Gemini, DALL·E |
अगर आपके पास कोई अपना है तो उसे गले लगाइए, और अगर कोई नहीं है तो खुद को प्यार से सेल्फ-हग दीजिए। यह छोटा सा कदम आपके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। आखिर, एक प्यार भरा स्पर्श ही तो है जो हमें सच में जीवंत महसूस कराता है!
डिस्क्लेमर ः यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। यदि आपके कोई स्वास्थ्य संबंधी प्रश्न हैं, तो कृपया किसी योग्य स्वास्थ्य पेशेवर से परामर्श करें।