Sunita Williams ने किया Time Travel ! जानें क्या है इसकी पूरी थ्योरी

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क्या टाइम ट्रेवल संभव है? यह सवाल दशकों से साइंटिस्ट्स और साइंस के चाहने वालों को अट्रैक्टिव करता रहा है। आइंस्टीन के सापेक्षता सिद्धांत (Relativity theory) के मुताबिक, तेज रफ्तार से चलने वाले यात्रियों के लिए समय धीमा हो जाता है, यानी वे तकनीकी रूप से भविष्य में यात्रा कर सकते हैं। यही कारण है कि अंतरिक्ष यात्री, जो पृथ्वी की तुलना में बेहद तेज गति से यात्रा करते हैं, कुछ मिलीसेकंड का टाइम ट्रेवल कर चुके हैं! रूसी कॉस्मोनॉट Sergei Krikalev और NASA के Scott Kelly जैसे अंतरिक्ष यात्रियों ने इसका अनुभव किया है। लेकिन क्या इंसान सालों या सदियों का टाइम ट्रेवल कर सकता है? चलिए, इस रहस्य से पर्दा उठाते हैं! 🚀

पिछले दिनों सुनीता विलियम्स और उनके साथी अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर लगभग नौ महीने का समय बिताकर लौटे हैं। इस समय के दौरान, उनकी घड़ियां धरती पर मौजूद घड़ियों की तुलना में थोड़ी धीमी चली होंगी, लेकिन यह अंतर केवल मिलीसेकंड या माइक्रोसेकंड के स्तर पर होगा। इसलिए, तकनीकी रूप से इसे टाइम ट्रेवल कहा जा सकता है। समय का यह अंतर इतना छोटा है कि इंसानी अनुभव में इसका कोई वास्तविक प्रभाव नहीं पड़ता। 

सापेक्षिक समय व्यतिकरण (Relativistic Time Dilation) के कारण एस्ट्रोनॉट एक तरह से "भविष्य में यात्रा" कर सकते हैं, हालांकि यह प्रभाव बहुत ही सूक्ष्म होता है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:

अल्बर्ट आइंस्टीन का Relativity theory और टाइम डाइलेशन

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आइंस्टीन की विशेष सापेक्षता (Special Relativity) के अनुसार, जब कोई वस्तु बहुत तेज गति से चलती है (विशेष रूप से प्रकाश की गति के करीब), तो उसके लिए समय धीमा हो जाता है। इसे टाइम डाइलेशन कहा जाता है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पृथ्वी के चारों ओर लगभग 28,000 किमी/घंटा की गति से घूमता है। यह गति इतनी अधिक है कि इससे वहाँ रहने वाले एस्ट्रोनॉट्स की घड़ियां धरती पर मौजूद घड़ियों की तुलना में थोड़ी धीमी चलती हैं।

क्या एस्ट्रोनॉट भी टाइम ट्रेवल करते हैं?

अब तक Sergei Krikalev, Gennady Padalka, Scott Kelly और Valeri Polyakov जैसे अंतरिक्ष यात्री माइक्रोसेकंड या मिलीसेकंड स्तर पर भविष्य की ओर टाइम ट्रेवल कर चुके हैं। यह अंतर बहुत छोटा होता है लेकिन सैद्धांतिक रूप से यह असली टाइम ट्रेवल है।

1. Sergei Krikalev (रूस) – 0.02 सेकंड

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🚀 कुल समय अंतरिक्ष में: 803 दिन (लगभग 2.2 साल)

🚀 समय में आगे बढ़ने का अंतर: 0.02 सेकंड

🚀 यह प्रभाव अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) और मीर स्पेस स्टेशन पर रहने के दौरान हुआ।

2. Gennady Padalka (रूस) – 1/44 सेकंड

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🚀 कुल समय अंतरिक्ष में: 879 दिन (सबसे अधिक अंतरिक्ष में रहने वाले व्यक्ति)

🚀 समय में आगे बढ़ने का अंतर: लगभग 1/44 सेकंड (~0.02 से 0.03 सेकंड के बीच)

🚀 उन्होंने 5 मिशन किए और यह प्रभाव उनके समग्र समय के कारण हुआ।

3. Scott Kelly (अमेरिका) – कुछ मिलीसेकंड

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🚀 कुल समय अंतरिक्ष में: 340 दिन (लगभग 1 साल, NASA’s One-Year Mission)

🚀 समय में आगे बढ़ने का अंतर: कुछ मिलीसेकंड (Milliseconds)

🚀 उनके जुड़वां भाई Mark Kelly (जो पृथ्वी पर रहे) की तुलना में वे थोड़ा "युवा" रह गए।

4. Valeri Polyakov (रूस) – 0.01 सेकंड (अनुमानित)

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🚀 कुल समय अंतरिक्ष में: 437 दिन (लगातार सबसे लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने वाले व्यक्ति)

🚀 समय में आगे बढ़ने का अंतर: 0.01 सेकंड के करीब

🚀 यह समय वह मीर स्पेस स्टेशन पर बिताकर आए थे।

5. Cosmonauts on ISS – हर दिन 0.007 सेकंड

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🚀 जो भी अंतरिक्ष यात्री International Space Station में रहते हैं, वे प्रतिदिन 0.007 सेकंड आगे बढ़ते हैं।

🚀 यह उनके 28,000 किमी/घंटा की गति से घूमने के कारण होता है।

क्या कोई बड़ी टाइम ट्रेवल कर पाया?

🚀 अभी तक किसी ने भी सालों या सदियों का अंतर महसूस करने वाला टाइम ट्रेवल नहीं किया।

🚀 लेकिन ब्लैक होल के पास या लाइट स्पीड के करीब जाने पर यह संभव हो सकता है।

क्या अंतरिक्ष यात्री अतीत में भी जा सकते हैं?

🚀 नहीं, सापेक्षता के नियमों के अनुसार हम केवल भविष्य की ओर समय यात्रा कर सकते हैं, अतीत में नहीं।

क्या भविष्य में टाइम ट्रेवल ज्यादा असरदार हो सकता है?

अगर हम बहुत ज्यादा स्पीड (लाइट की गति के करीब) या बहुत ज्यादा ग्रैविटी (ब्लैक होल के पास) में यात्रा करें, तो टाइम डाइलेशन का असर बढ़ सकता है। यानी, अगर कोई इंसान ब्लैक होल के नजदीक कुछ साल बिताए, तो हो सकता है कि जब वह वापस लौटे, तो पृथ्वी पर सैकड़ों साल बीत चुके हों, जैसे कि फिल्म Interstellar में दिखाया गया था।

क्या फ्यूचर में टाइम ट्रेवल हकीकत बन सकता है? 

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All AI Images credit by Copilot

साइंस के मुताबिक, टाइम डाइलेशन पहले ही सिद्ध हो चुका है, अंतरिक्ष यात्री जैसे Sergei Krikalev और Scott Kelly माइक्रोसेकंड के अंतर से भविष्य में यात्रा कर चुके हैं। लेकिन क्या हम अतीत में लौट सकते हैं या सैकड़ों साल आगे जा सकते हैं? अभी यह केवल थ्योरी तक सीमित है, लेकिन ब्लैक होल, वर्महोल और लाइट की स्पीड के करीब यात्रा करने से बड़े पैमाने पर टाइम ट्रेवल संभव हो सकता है। शायद एक दिन, साइंस की ये कहानियां हकीकत बन जाएं और हम अपने भविष्य या अतीत की यात्रा कर सकें! 

                                 ....तब तक प्रेजेंट में रहें और इसे ही एन्जॉय क करें। 🚀⏳

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